इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बनाने वाली कंपनी Ola Electric Mobility के शेयरों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को कंपनी का शेयर करीब 5% टूटकर ₹33.82 के स्तर पर आ गया। यह गिरावट लगातार दसवें कारोबारी सत्र में देखने को मिली है। पिछले दस दिनों में Ola Electric का शेयर लगभग 22% तक टूट चुका है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) के इस्तीफे को माना जा रहा है। CFO हरिश अबिचंदानी ने दिया इस्तीफा कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि CFO हरिश अबिचंदानी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 19 जनवरी 2026 की कार्य अवधि समाप्त होने के बाद प्रभावी हो गया। कंपनी के अनुसार, हरिश अबिचंदानी ने निजी कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ा है। बोर्ड ने उनके इस्तीफे को स्वीकार करते हुए उनके योगदान की सराहना भी की। हरिश अबिचंदानी कंपनी के Key Managerial Personnel (KMP) में शामिल थे और वित्तीय मामलों में उनकी अहम भूमिका रही है। दीपक रस्तोगी बने नए CFO इसी बोर्ड बैठक में कंपनी ने दीपक रस्तोगी को नया Chief Financial Officer (CFO) नियुक्त करने की मंजूरी दी। उनकी नियुक्ति 20 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गई है। दीपक रस्तोगी अब न केवल CFO होंगे, बल्कि उन्हें Key Managerial Personnel और Senior Management Personnel का दर्जा भी दिया गया है। नए CFO का अनुभव कंपनी के मुताबिक, दीपक रस्तोगी के पास 30 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग और बड़े औद्योगिक समूहों में काम किया है। उनका अनुभव खासतौर पर:
- कैपिटल मार्केट
- मर्जर और अधिग्रहण (M&A)
- IPO की तैयारी
- फाइनेंशियल स्ट्रैटेजी
जैसे क्षेत्रों में रहा है। रस्तोगी पहले Puravankara Group में ग्रुप फाइनेंस चीफ रह चुके हैं। इसके अलावा वे Tata AutoComp Systems और Deepak Fertilisers & Petrochemicals जैसी कंपनियों में भी वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं। कंपनी ने बताया कि वे करीब 1 अरब डॉलर (लगभग ₹8,000 करोड़) के इक्विटी ट्रांजैक्शन में सलाह और नेतृत्व दे चुके हैं। उन्हें भारत के अलावा चीन, अमेरिका, यूरोप, मिडिल ईस्ट और ASEAN देशों में काम करने का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी है। पहले भी हो चुके हैं सीनियर लेवल इस्तीफे यह पहली बार नहीं है जब Ola Electric में बड़े स्तर पर इस्तीफे हुए हों। इससे पहले दिसंबर 2025 में कंपनी के Business Head – Cell, विषाल चतुर्वेदी ने भी निजी कारणों से इस्तीफा दिया था। पिछले एक साल में कंपनी के मार्केटिंग, टेक्नोलॉजी और बिजनेस यूनिट से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों के जाने की खबरें सामने आ चुकी हैं। इन बदलावों को कंपनी के मैनेजमेंट स्ट्रक्चर में चल रहे पुनर्गठन से जोड़कर देखा जा रहा है। शेयर लगातार चौथे महीने गिरावट में Ola Electric का शेयर लगातार चौथे महीने गिरावट में है। जनवरी 2026 में शुरुआती तीन कारोबारी सत्रों को छोड़ दिया जाए, तो बाकी सभी दिनों में शेयर लाल निशान में ही बंद हुआ है। इस महीने अब तक शेयर करीब 6% टूट चुका है। 2024 में शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद से ही स्टॉक ज्यादातर समय डाउनट्रेंड में बना हुआ है। दिसंबर की बिक्री से मिला था सहारा जनवरी की शुरुआत में Ola Electric के शेयरों में थोड़ी तेजी जरूर आई थी। इसकी वजह दिसंबर महीने के अच्छे बिक्री आंकड़े रहे। कंपनी के अनुसार:
- दिसंबर 2025 में 9,020 यूनिट रजिस्टर हुईं
- मार्केट शेयर बढ़कर 9.3% हो गया
- नवंबर में यह 7.2% था
VAHAN डेटा के मुताबिक दिसंबर के दूसरे हिस्से में कंपनी का मार्केट शेयर लगभग 12% तक पहुंच गया, जिससे मांग में सुधार के संकेत मिले थे। हालांकि यह तेजी ज्यादा समय तक टिक नहीं पाई। ₹24 तक गिरने की आशंका Lakshmishree के हेड ऑफ रिसर्च अंशुल जैन के अनुसार, स्टॉक ने पहले करीब ₹39 के स्तर से उछाल लिया था और ₹45 तक पहुंचा, लेकिन वहां टिक नहीं सका। उनका कहना है कि यह तेजी केवल तकनीकी सुधार (technical bounce) थी, कोई मजबूत ट्रेंड रिवर्सल नहीं। उनके मुताबिक:
- शेयर का स्ट्रक्चर अभी कमजोर बना हुआ है
- लोअर हाई लगातार बन रहे हैं
- मोमेंटम नीचे की ओर है
अगर शेयर ₹30.76 के नीचे टिकता है, तो अगला सपोर्ट ₹24 के आसपास देखा जा सकता है। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि जब तक शेयर में मजबूती के साफ संकेत न मिलें, तब तक किसी भी तेजी को “sell on rise” यानी बेचने का मौका माना जाए।
निष्कर्ष Ola Electric में CFO बदलाव एक बड़ा कॉर्पोरेट घटनाक्रम है, लेकिन मौजूदा समय में शेयर बाजार पर इसका असर नकारात्मक ही नजर आ रहा है। लगातार गिरते शेयर, सीनियर मैनेजमेंट में बदलाव और कमजोर तकनीकी संकेत निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि नए CFO दीपक रस्तोगी कंपनी की वित्तीय रणनीति को किस दिशा में ले जाते हैं और क्या Ola Electric आने वाले समय में निवेशकों का भरोसा दोबारा जीत पाएगी या नहीं।