भारत की सबसे युवा एयरलाइन अकासा एयर ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) की सदस्य बन गई है। IATA दुनिया भर की 360 से अधिक एयरलाइनों का प्रतिनिधित्व करता है, जो वैश्विक हवाई यातायात के 80% से अधिक हिस्से को कवर करता है।2020 में स्थापित अकासा एयर के संस्थापक विनय दुबे हैं। दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला ने
कंपनी में लगभग 40% हिस्सेदारी के लिए 35 मिलियन डॉलर का निवेश किया था।IATA की सदस्यता से पहले, अकासा एयर ने दिसंबर में IATA ऑपरेशनल सेफ्टी ऑडिट (IOSA) सफलतापूर्वक पूरा किया, जो इस वैश्विक संगठन की सदस्यता के लिए अनिवार्य सुरक्षा मानक है।IATA सदस्यता से क्या होगा लाभइस सदस्यता के माध्यम से अकासा एयर:
- वैश्विक विमानन नीति और उद्योग संवाद में भाग लेगी
- सुरक्षा प्रबंधन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और टिकाऊ विमानन (Sustainable Aviation) पर सहयोग करेगी
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विश्वसनीयता और पहचान मजबूत करेगी
अब भारत की कुल
पांच एयरलाइंस IATA की सदस्य हैं:
- 1.एयर इंडिया
- 2.एयर इंडिया एक्सप्रेस
- 3.इंडिगो
- 4.स्पाइसजेट
- 5.अकासा एयर
IATA के एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के उपाध्यक्ष
शेल्डन ही ने कहा कि भारत का विमानन क्षेत्र 77 लाख नौकरियों और 53.6 अरब डॉलर के आर्थिक योगदान का समर्थन करता है और अकासा एयर की भागीदारी से उद्योग को नई दिशा मिलेगी।
अकासा एयर का सफर- पहली वाणिज्यिक उड़ान: 7 अगस्त 2022
- अब तक यात्रियों की संख्या: 2.3 करोड़+
- घरेलू शहर: 26
- अंतरराष्ट्रीय गंतव्य: 6
भविष्य की योजनाएं- अगले 10 वर्षों में 226 बोइंग 737 MAX विमानों का बेड़ा
- वर्तमान बेड़ा: 31 विमान
- FY26 में क्षमता (ASKs) में 30%+ वृद्धि का लक्ष्य
- चालू वित्त वर्ष में 5 नए विमान, कुल बेड़ा 35 करने की योजना
- वर्ष के अंत तक 770–775 पायलट
वित्तीय प्रदर्शन- FY25 में 49% राजस्व वृद्धि
- EBITDA मार्जिन में 50% सुधार
- लोड फैक्टर: 87%+ (उद्योग में अग्रणी)
- ईंधन को छोड़कर यूनिट लागत (CASK) में 7% की कमी
कार्गो और अन्य आय स्रोत- मार्च 2025 तक लगभग 1 लाख टन कार्गो परिवहन
- 25+ सहायक (Ancillary) सेवाएं
- 1,150+ कॉर्पोरेट पार्टनर्स
- कार्गो और सहायक सेवाएं पहले से ही लाभदायक
IATA के बारे मेंइंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) की स्थापना
19 अप्रैल 1945 को क्यूबा के हवाना में हुई थी। यह संस्था सुरक्षित, भरोसेमंद और किफायती हवाई सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक एयरलाइनों के बीच सहयोग का प्रमुख मंच है।