Zepto IPO: बड़े निवेशकों का भरोसा बरकरार, लेकिन वैल्यूएशन में कटौती क्यों? 

निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत

भारत के तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स बाजार में एक और बड़ा आईपीओ दस्तक देने की तैयारी में है। किराना और रोजमर्रा का सामान कुछ ही मिनटों में पहुंचाने वाली कंपनी Zepto का लगभग ₹11,000 करोड़ का आईपीओ अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। दिलचस्प बात यह है कि नॉर्वे का सॉवरेन वेल्थ फंड (Norges) और मोतीलाल ओसवाल जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों ने एंकर निवेशक बनने में रुचि दिखाई है। वहीं दूसरी ओर, कंपनी को अपने पिछले फंडिंग राउंड की तुलना में कम वैल्यूएशन स्वीकार करनी पड़ रही है। यही वजह है कि यह आईपीओ केवल फंड जुटाने का मामला नहीं है, बल्कि यह भी बताएगा कि भारतीय स्टार्टअप्स के प्रति निवेशकों का नजरिया अब किस दिशा में बदल रहा है। बाजार का फोकस अब केवल तेज ग्रोथ पर नहीं बल्कि मुनाफे की संभावनाओं पर भी है।
आखिर पूरा मामला क्या है?
सूत्रों के मुताबिक Zepto के आईपीओ में एंकर बुक यानी सूचीबद्ध होने से पहले बड़े संस्थागत निवेशकों को आवंटित होने वाला हिस्सा कुल इश्यू का 30% से 45% तक हो सकता है। इसमें अकेले Norges और Motilal Oswal की हिस्सेदारी 40% से 45% तक रहने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा कई बड़े घरेलू म्यूचुअल फंड भी एंकर निवेशक के रूप में निवेश पर चर्चा कर रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि वैल्यूएशन में कमी के बावजूद कंपनी को संस्थागत निवेशकों का भरोसा मिल रहा है।
वैल्यूएशन में कटौती क्यों करनी पड़ी?
अक्टूबर 2025 में Zepto ने फंडिंग जुटाते समय करीब 7 अरब डॉलर का वैल्यूएशन हासिल किया था। लेकिन अब आईपीओ के लिए इसका अनुमानित मूल्यांकन करीब 5.1 अरब डॉलर रखा गया है। कुछ विदेशी निवेशक तो 4.5 अरब डॉलर के स्तर पर निवेश की इच्छा भी जता चुके हैं। इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी वजह क्विक कॉमर्स कंपनियों की ऊंची कैश बर्न है। यानी ग्राहक जोड़ने और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कंपनियां अभी भी भारी खर्च कर रही हैं। अब निवेशक केवल तेज विस्तार नहीं बल्कि टिकाऊ मुनाफे का स्पष्ट रोडमैप देखना चाहते हैं।
IPO से जुटाई गई रकम कहां खर्च होगी?
ड्राफ्ट दस्तावेजों के अनुसार, आईपीओ में ₹8,010 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा, जबकि मौजूदा निवेशक 11.35 करोड़ शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए करेंगे। कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाई गई पूंजी का उपयोग अपने डार्क स्टोर नेटवर्क के विस्तार, तकनीकी ढांचे को मजबूत करने और नए बाजारों में विस्तार के लिए करेगी। इससे साफ है कि Zepto आने वाले वर्षों में प्रतिस्पर्धा को और तेज करने की तैयारी कर रही है। कंपनी की वित्तीय तस्वीर क्या कहती है?
वित्त वर्ष 2025-26 में Zepto ने 22,624 करोड़ रुपये का परिचालन राजस्व दर्ज किया। वहीं कंपनी का नेट रिसीवेबल वैल्यू (NRV) लगभग 24,816 करोड़ रुपये रहा। हालांकि कंपनी अभी भी लाभप्रदता हासिल करने की दिशा में काम कर रही है। यही कारण है कि बाजार अब केवल बिक्री वृद्धि नहीं बल्कि नकदी प्रवाह और परिचालन दक्षता पर भी नजर रख रहा है।
Quick Commerce सेक्टर के लिए क्यों अहम है यह IPO?
यदि Zepto सफलतापूर्वक शेयर बाजार में सूचीबद्ध होती है, तो वह Blinkit, Instamart और BigBasket जैसे खिलाड़ियों के साथ सार्वजनिक बाजार में प्रतिस्पर्धा करेगी। पिछले कुछ वर्षों में इस उद्योग ने अभूतपूर्व विस्तार देखा है, लेकिन निवेशकों की सोच बदल चुकी है। अब बाजार यह देखना चाहता है कि कौन-सी कंपनी तेज वृद्धि के साथ टिकाऊ मुनाफा भी कमा सकती है। यही वजह है कि Zepto का आईपीओ पूरे क्विक कॉमर्स उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जा रहा है।
निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि एंकर निवेशकों की मजबूत भागीदारी आईपीओ के प्रति शुरुआती विश्वास का संकेत हो सकती है। लेकिन केवल इसी आधार पर निवेश का निर्णय लेना उचित नहीं होगा। निवेशकों को कंपनी की लाभप्रदता की रणनीति, प्रतिस्पर्धा, नकदी खर्च, भविष्य की विकास योजनाओं और अंतिम वैल्यूएशन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। साथ ही यह भी देखना होगा कि सूचीबद्ध होने के बाद कंपनी बाजार की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।
निष्कर्ष
Zepto का प्रस्तावित आईपीओ भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा साबित हो सकता है। एक ओर Norges और Motilal Oswal जैसे बड़े निवेशकों की दिलचस्पी कंपनी की संभावनाओं पर भरोसा दिखाती है, वहीं दूसरी ओर पिछले फंडिंग राउंड की तुलना में कम वैल्यूएशन यह संकेत देता है कि अब बाजार केवल तेज वृद्धि नहीं बल्कि मजबूत वित्तीय अनुशासन भी चाहता है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा अवसर तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स बाजार में छिपा है, जबकि सबसे बड़ा जोखिम लाभप्रदता हासिल करने की चुनौती है। आईपीओ का अंतिम मूल्य, एंकर निवेशकों की भागीदारी और लिस्टिंग के बाद कंपनी का प्रदर्शन आने वाले समय में इस क्षेत्र की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।