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सोचिए शेयर बाजार पूरे साल नीचे जा रहा है। Nifty गिर रहा है, Sensex टूट रहा है। ऐसे में कोई भी आम आदमी घबरा जाए। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस मुश्किल दौर में भी म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने जबरदस्त कमाल कर दिखाया।
क्या हुआ इस साल?
मार्च 2026 में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल AUM यानी Assets Under Management ₹81.5 लाख करोड़ तक पहुंच गया। पिछले साल यही आंकड़ा ₹67 लाख करोड़ था। मतलब एक साल में 21% की बढ़ोतरी। और सबसे खास बात ? यह तीसरा लगातार साल है जब इंडस्ट्री ने 20% से ज्यादा ग्रोथ दर्ज की है। AUM को आसान भाषा में समझें तो यह वो कुल रकम है जो लोगों ने म्यूचुअल फंड में लगाई हुई है और जिसे फंड मैनेजर संभाल रहे हैं।
बाजार गिरा, फिर भी फंड बढ़ा कैसे?
यह सवाल तो बनता ही है। इस साल Nifty 50 करीब 5% नीचे आया। Sensex 7% से ज्यादा गिरा। यह पिछले 6 सालों की सबसे बुरी गिरावट थी कोरोना के बाद से अब तक की सबसे कमजोर परफॉर्मेंस। तो फिर म्यूचुअल फंड का AUM कैसे बढ़ा?इसका जवाब है SIP यानी Systematic Investment Plan। SIP आम आदमी का सबसे बड़ा हथियार SIP को ऐसे समझिए आपके मोबाइल का EMI। हर महीने एक तय रकम अपने आप कट जाती है और म्यूचुअल फंड में चली जाती है। जब बाजार गिरता है, तो SIP और भी फायदेमंद हो जाती है। क्योंकि उसी पैसे में ज्यादा units मिलती हैं। और जब बाजार वापस ऊपर आता है, तो फायदा दोगुना होता है। इस पूरे साल लोगों ने SIP बंद नहीं की। वे डटे रहे। और इसी वजह से इंडस्ट्री मजबूत खड़ी रही। Quantum MF के MD Jimmy Patel ने भी यही कहा "बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशक टिके रहे और SIP बहती रही यही सबसे अच्छी बात है।"
Gold और Silver ETF नया ट्रेंड
इस साल एक और दिलचस्प चीज़ हुई। लोगों ने Gold और Silver ETF में खूब पैसा लगाया। जनवरी 2026 में सिर्फ इन दोनों में ₹33,500 करोड़ का निवेश आया यह अब तक का रिकॉर्ड है। इसकी वजह? सोने-चांदी की कीमतें तेजी से बढ़ीं और शेयर बाजार में घबराहट थी। तो लोगों ने सोचा "चलो, कुछ पैसा Gold में लगाते हैं।" यह एक समझदारी भरा कदम था।
कौन-से फंड हाउस सबसे आगे रहे?
बड़े खिलाड़ियों की बात करें तो: ICICI Prudential ने सबसे ज्यादा ₹2 लाख करोड़ जोड़े।
SBI Mutual Fund ने ₹1.80 लाख करोड़ और HDFC Mutual Fund ने ₹1.50 लाख करोड़ जोड़े। लेकिन असली चौंकाने वाली बात है छोटे फंड हाउसों की ग्रोथ। Angel One Mutual Fund का AUM 2,100% बढ़ा। Unifi Mutual Fund 1,200% उछला। Zerodha Fund House 200% बढ़ा। यह दिखाता है कि नए और छोटे फंड हाउस भी तेजी से लोगों का भरोसा जीत रहे हैं। PPFAS Mutual Fund और Motilal Oswal Mutual Fund भी तेज़ी से आगे बढ़े।
Multi-Asset Fund एक थाली में सब कुछ Multi-Asset Fund का मतलब है एक ही फंड में इक्विटी, डेट और कमोडिटी तीनों। इस साल इन फंड्स में ₹60,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश आया। लोगों को लगा कि जब एक जगह नुकसान हो तो दूसरी जगह से भरपाई हो जाए। यह सोच बिल्कुल सही है।
एक बात जो सोचने वाली है
Equity Fund में निवेश पिछले साल के मुकाबले 27% कम रहा। बाजार में अस्थिरता की वजह से लोगों ने एकमुश्त पैसा लगाने से परहेज किया। लेकिन SIP ने इस कमी को काफी हद तक पूरा किया।
निष्कर्ष
इस साल म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने साबित कर दिया कि असली ताकत बाजार की दिशा में नहीं, बल्कि निवेशकों के धैर्य में होती है। जब Nifty गिर रहा था, जब विदेशी निवेशक पैसा निकाल रहे थे उस वक्त आम भारतीय अपनी SIP चलाता रहा। गोल्ड ETF खरीदता रहा। Multi-Asset में निवेश करता रहा। यही वजह है कि ₹81.5 लाख करोड़ का आंकड़ा सिर्फ एक संख्या नहीं है यह करोड़ों भारतीयों के भरोसे और समझदारी की कहानी है। और अगर आप अभी तक SIP शुरू नहीं किए हैं तो शायद यही सही वक्त है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें। निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं।