अप्रैल 2027 से बदल जाएंगे गाड़ियों के नियम 

जानिए क्या होगा आप पर असर?

अगर आप गाड़ी खरीदने की सोच रहे हैं या फिर आप कार कंपनियों में काम करते हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत ज़रूरी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अप्रैल 2027 से गाड़ियों के लिए नए ईंधन दक्षता नियम लागू होंगे। इन्हें CAFE III नियम कहते हैं। और सबसे बड़ी बात सरकार इस तारीख को आगे बढ़ाने के मूड में बिल्कुल नहीं है।
CAFE III क्या है ?
CAFE का मतलब है Corporate Average Fuel Efficiency। सीधे शब्दों में कहें तो हर कार कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी गाड़ियाँ एक तय सीमा से ज़्यादा ईंधन न जलाएं। यानी अगर कोई कंपनी बहुत ज़्यादा पेट्रोल पीने वाली गाड़ियाँ बनाती है, तो उसे जुर्माना भरना होगा। और अगर कोई कंपनी कम ईंधन खर्च वाली गाड़ियाँ बनाती है, तो उसे इनाम भी मिलेगा क्रेडिट के रूप में। यह नियम 1 अप्रैल 2027 से शुरू होकर 31 मार्च 2032 तक चलेगा।
सरकार ने क्या कहा?
भारी उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव हनीफ कुरैशी ने सोमवार को साफ कहा डेडलाइन नहीं बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने ऑटो इंडस्ट्री से लगातार बात की है। उनका फीडबैक लिया गया है। इसलिए अब कोई बहाना नहीं चलेगा। 16 अप्रैल 2026 को एक बड़ी बैठक भी बुलाई गई है। इसमें पावर, भारी उद्योग और सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव शामिल होंगे। सबका मत सुनकर एक साझा फैसला लिया जाएगा।
छोटी कार वाले और बड़ी कार क्यों हो रही है टक्कर?
यहाँ मामला थोड़ा पेचीदा है। Maruti Suzuki और Toyota Kirloskar जैसी कंपनियाँ चाहती हैं कि छोटी और सस्ती गाड़ियों को इन नियमों में कुछ छूट मिले। उनका तर्क है कि छोटी गाड़ियाँ वैसे भी हल्की होती हैं और कम पेट्रोल पीती हैं। दूसरी तरफ Tata Motors, Mahindra, Hyundai और Kia इस छूट के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि अलग-अलग नियम बनाने से बाज़ार में असमानता आएगी। और सुरक्षा से भी समझौता हो सकता है। पुराने ड्राफ्ट में छोटी गाड़ियों को 3 g/km की छूट देने का प्रस्ताव था। लेकिन नए ड्राफ्ट में यह सुविधा हटा दी गई है। यानी अब सभी के लिए एक जैसे नियम होंगे।
नए नियमों में क्या है खास? क्रेडिट-डेबिट का खेल
नए नियमों में एक दिलचस्प व्यवस्था है क्रेडिट और डेबिट का सिस्टम। जो कंपनी अपने टारगेट से ज़्यादा अच्छा करेगी यानी कम ईंधन खर्च करने वाली गाड़ियाँ बनाएगी उसे क्रेडिट मिलेगा। और जो कंपनी पीछे रहेगी, उसे डेबिट होगा। यह क्रेडिट आपस में खरीदा-बेचा भी जा सकता है। मतलब एक कंपनी दूसरी कंपनी को क्रेडिट बेच सकती है।
BEE से भी खरीद सकते हैं क्रेडिट
अगर किसी कंपनी के पास पर्याप्त क्रेडिट नहीं है, तो वो Bureau of Energy Efficiency यानी BEE से क्रेडिट खरीद सकती है। इसकी कीमत 2027-28 में 2,500 रुपये प्रति g CO2/km होगी। और 2031-32 तक यह बढ़कर 4,500 रुपये हो जाएगी।
हाइब्रिड और फ्लेक्स फ्यूल गाड़ियों को कम फायदा
पुराने ड्राफ्ट में हाइब्रिड और फ्लेक्स फ्यूल गाड़ियों को ज़्यादा छूट मिलती थी। नए ड्राफ्ट में यह छूट कम कर दी गई है। हालांकि इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए फायदे पहले जैसे ही रहेंगे।
आम खरीदार पर क्या असर होगा?
सीधे तौर पर देखें तो जब कंपनियों को ज़्यादा कुशल गाड़ियाँ बनानी होंगी, तो वो अपनी तकनीक पर ज़्यादा खर्च करेंगी। और वह खर्च कहीं न कहीं गाड़ी की कीमत में भी दिख सकता है। छोटी सस्ती गाड़ियाँ जो अभी आम आदमी की पहली पसंद हैं उनके लिए CAFE III का पालन करना थोड़ा मुश्किल हो सकता लेकिन लंबे समय में यह आपके लिए फायदेमंद है। ज़्यादा ईंधन कुशल गाड़ी मतलब पेट्रोल का खर्च कम। पर्यावरण को भी फायदा। निष्कर्ष 
CAFE III नियम अब आने ही वाले हैं। सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से साफ मना कर दिया है। कंपनियों में अभी मतभेद हैं, लेकिन 16 अप्रैल की बैठक के बाद तस्वीर और साफ होगी। नया क्रेडिट सिस्टम, BEE से खरीद की सुविधा और लचीली व्यवस्था ये सब मिलकर नियमों को थोड़ा आसान बनाते हैं। लेकिन असली बदलाव तो कंपनियों को करना ही होगा। और उसका असर आखिरकार उस गाड़ी पर दिखेगा जो आप अगले कुछ सालों में खरीदेंगे।