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शेयर बाजार में लाभांश का मौसम अपने चरम पर है और इस समय निवेशकों की नजर अदानी समूह की कंपनियों पर टिकी हुई है। समूह की पांच प्रमुख कंपनियां लाभांश के लिए रिकॉर्ड तिथि के करीब पहुंच चुकी हैं। ऐसे में जिन निवेशकों के पास इन कंपनियों के शेयर हैं, उनके लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है। अदानी एंटरप्राइजेज, अदानी पोर्ट्स, अदानी टोटल गैस, एसीसी और अंबुजा सीमेंट ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए लाभांश देने की घोषणा की है। इन कंपनियों की रिकॉर्ड तिथि 12 जून तय की गई है। इसका मतलब है कि पात्र निवेशकों की सूची इसी दिन तैयार होगी और उन्हें जून के अंत या जुलाई की शुरुआत तक लाभांश की राशि मिल सकती है। ऐसे में सवाल यह है कि किस कंपनी का लाभांश सबसे अधिक है, किस कंपनी के शेयरधारकों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा और निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए।
क्यों महत्वपूर्ण है 12 जून की रिकॉर्ड तिथि?
लाभांश पाने के लिए केवल घोषणा होना ही पर्याप्त नहीं होता। कंपनी एक निश्चित तारीख तय करती है जिसे रिकॉर्ड तिथि कहा जाता है। इस दिन जिन निवेशकों का नाम कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज होता है, वही लाभांश पाने के पात्र होते हैं। मौजूदा निपटान व्यवस्था के अनुसार रिकॉर्ड तिथि से पहले शेयर खरीदना जरूरी होता है ताकि वे समय पर निवेशक के खाते में पहुंच सकें। यही कारण है कि 12 जून की रिकॉर्ड तिथि से पहले इन शेयरों में निवेशकों की गतिविधि बढ़ी हुई दिखाई दी।
अदानी पोर्ट्स ने दिया सबसे बड़ा लाभांश
अदानी समूह की कंपनियों में इस बार सबसे बड़ा लाभांश अदानी पोर्ट्स और विशेष आर्थिक क्षेत्र ने घोषित किया है। कंपनी ने प्रति शेयर 7.50 रुपये लाभांश देने की सिफारिश की है। यह लाभांश 2 रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक शेयर पर दिया जाएगा। यदि वार्षिक आम बैठक में मंजूरी मिलती है तो पात्र निवेशकों को 25 जून या उसके बाद भुगतान किया जाएगा। बंदरगाह और परिवहन कारोबार में मजबूत स्थिति रखने वाली यह कंपनी लंबे समय से लाभांश देने के मामले में निवेशकों की पसंदीदा कंपनियों में शामिल रही है।
अदानी एंटरप्राइजेज का लाभांश भले छोटा, लेकिन महत्व बड़ा
अदानी समूह की प्रमुख कंपनी अदानी एंटरप्राइजेज ने प्रति शेयर 1.30 रुपये अंतिम लाभांश घोषित किया है। पहली नजर में यह राशि छोटी लग सकती है, लेकिन निवेशकों के लिए इसका महत्व अलग है। यह कंपनी समूह के कई उभरते कारोबारों का आधार है, जिनमें हवाई अड्डे, सड़क परियोजनाएं, डेटा सेंटर, हरित ऊर्जा और अन्य बड़े बुनियादी ढांचा कारोबार शामिल हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि मंजूरी मिलने के बाद लाभांश का भुगतान 30 जून या उसके बाद किया जाएगा।
अदानी टोटल गैस ने भी शेयरधारकों को किया पुरस्कृत
शहर गैस वितरण क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही अदानी टोटल गैस ने प्रति शेयर 0.25 रुपये लाभांश की सिफारिश की है। हालांकि राशि अपेक्षाकृत कम है, लेकिन कंपनी लगातार अपने कारोबार का विस्तार कर रही है। पाइप से प्राकृतिक गैस और वाहन ईंधन की बढ़ती मांग भविष्य में कंपनी की आय को मजबूत बना सकती है। कंपनी पात्र निवेशकों को 26 जून या उसके बाद लाभांश का भुगतान करेगी।
एसीसी और अंबुजा सीमेंट भी निवेशकों को देंगे लाभांश
अदानी समूह की सीमेंट कंपनियां भी इस सूची में शामिल हैं। एसीसी ने प्रति शेयर 7.50 रुपये लाभांश घोषित किया है, जबकि अंबुजा सीमेंट ने प्रति शेयर 2 रुपये लाभांश देने की सिफारिश की है। दोनों कंपनियों का भुगतान 1 जुलाई या उसके बाद किया जाएगा। सीमेंट क्षेत्र में सरकारी बुनियादी ढांचा खर्च और आवासीय परियोजनाओं की बढ़ती मांग इन कंपनियों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
लाभांश से आगे भी क्यों महत्वपूर्ण हैं ये शेयर?
कई निवेशक केवल लाभांश के आधार पर शेयर चुनते हैं, लेकिन अनुभवी निवेशक कंपनी की दीर्घकालिक क्षमता पर भी ध्यान देते हैं। अदानी समूह की अधिकांश कंपनियां ऐसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं जिन्हें भारत की विकास यात्रा का प्रमुख आधार माना जा रहा है। बंदरगाह, ऊर्जा, गैस वितरण, सीमेंट, हवाई अड्डे और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में आने वाले वर्षों में बड़े निवेश की संभावना है। यही कारण है कि कई निवेशक लाभांश के साथ-साथ पूंजी वृद्धि की संभावना भी देख रहे हैं।
बाजार पर क्या हो सकता है असर?
आमतौर पर रिकॉर्ड तिथि के बाद शेयर लाभांश राशि के बराबर या उसके आसपास समायोजित होते हैं। इसलिए अल्पकालिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि यदि कंपनी के मूलभूत कारक मजबूत हों तो निवेशक लंबी अवधि के लिए बने रहते हैं और शेयर दोबारा मजबूती दिखा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अदानी समूह की कंपनियों में निवेशकों की रुचि केवल लाभांश तक सीमित नहीं है। बाजार इन कंपनियों की विस्तार योजनाओं और भविष्य की वृद्धि क्षमता पर भी नजर रखे हुए है।
निवेशकों के लिए क्या है सबसे बड़ा संदेश?
यदि केवल लाभांश राशि की बात करें तो अदानी पोर्ट्स और एसीसी सबसे आगे दिखाई देते हैं। वहीं अदानी एंटरप्राइजेज और अदानी टोटल गैस भविष्य की वृद्धि क्षमता के कारण निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। लाभांश निवेशकों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत होता है, लेकिन किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाएं और दीर्घकालिक रणनीति को समझना जरूरी है।
निष्कर्ष:
12 जून की रिकॉर्ड तिथि ने अदानी समूह के शेयरों को फिर से चर्चा में ला दिया है। निवेशकों को अल्पकालिक लाभांश के साथ-साथ उन बड़े अवसरों पर भी ध्यान देना चाहिए जो समूह की विभिन्न कंपनियों के विस्तार से पैदा हो सकते हैं। अदानी पोर्ट्स का बड़ा लाभांश, एसीसी की मजबूत वापसी, अंबुजा सीमेंट का स्थिर प्रदर्शन, अदानी टोटल गैस का विस्तार और अदानी एंटरप्राइजेज की नई परियोजनाएं मिलकर एक बड़ी तस्वीर पेश करती हैं। आने वाले वर्षों में इन कंपनियों का प्रदर्शन केवल लाभांश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत की विकास यात्रा से भी जुड़ा होगा। यही वजह है कि निवेशकों के लिए यह केवल लाभांश की खबर नहीं, बल्कि भविष्य के अवसरों को समझने का भी सही समय है।